एक बड़े फैसले के तहत देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने आज लखनऊ हाई कोर्ट क्र फैसले को खारिज करते हुए मदरसा बोर्ड को संवैधानिक करार दिया है। इस फैसले के बाद मदरसों में पढ़ रहे करीब 17 लाख से अधिक बच्चों पर असर पड़ेगा।
यूपी के करीब 20 हजार से अधिक मदरसों को लेकर मार्च महीने में हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मदरसा बोर्ड को असंवैधानिक बताते हुए वहां पढ़ने वाले बच्चों को सूबे के सरकारी स्कूलों में नाम लिखवाने को कहा था।
इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी जहाँ तीन जजों की बेंच ने उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया।
छिन गया डिग्री देने का अधिकार?
रिपोर्ट्स के अनुसार अब मदरसे डिग्रियां नहीं दे सकेंगे। उनके बोर्ड 2004 को संविधानिक अधिकार तो मिल गया लेकिन अब वो बारहवीं तक ही शिक्षा देते हुए डिग्रियां दे पाएंगे।
कुल मिलकर अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मदरसों में पढ़ाई जारी रहेगी।


