शिक्षक से नेता बने अवध ओझा की भी अपनी एक अलग ही कहानी है। ऑनलाइन मोटिवेशन और यूपीएससी की कोचिंग देने वाले अवध ओझा की एक राजनैतिक महत्वाकांक्षा रही है जिसे उन्होंने खुद स्वीकार किया था। बीते लोकसभा चुनाव में वे कांग्रेस और बीजेपी दोनों से सीट मांग रहे थे। बीजेपी से प्रयागराज तो कांग्रेस से अमेठी सीट से लड़ने के लिए टिकट की मांग थी। हालांकि उन्हें दोनों दलों ने दरकिनार कर दिया था। फिलहाल अब वह आप में शामिल हो गए हैं।
आम आदमी पार्टी में शामिल हुए अवध ओझा ने कहा कि वे देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा उन्होंने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की शिक्षा नीति का भी खूब बखान किया।
कौन हैं अवध ओझा?
अवध ओझा का पूरा नाम अवध प्रताप ओझा है। वह यूपी के गोंडा जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता माता प्रसाद ओझा पोस्टमास्टर थे और उनकी मां वकील। शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गोंडा से ही पूरी हुई। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वह यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चले गए। वह यूपीएससी मेन्स क्लियर नहीं कर पाए और फिर पढ़ना छोड़कर पढ़ाना शुरू कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनके पिता ने जमीन बेचकर उनकी मां को पढ़ाया और वकील बनाया था।


