भारत में ई-बाइक की बिक्री में तेजी, जानिये आंकड़े

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और ई-बाइक यानी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है, जो पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर उपभोक्ताओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

इस क्षेत्र में वृद्धि की गति बहुत तेज है। वित्त वर्ष 2025 में 1.15 मिलियन से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 21% की मजबूत वृद्धि दर्ज करती है। यह आंकड़ा न केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि कुल ईवी उद्योग की बिक्री में इसकी हिस्सेदारी को भी बढ़ाता है, जो पिछले वर्ष के 56.41% से बढ़कर 58.49% हो गया है।

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आंकड़ों के मुताबिक, मई 2025 में ही, भारत में 100,000 से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई, जो उपभोक्ताओं द्वारा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने का प्रमाण है। पर्यावरण संबंधी चिंताएं और पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतें इस बदलाव को बढ़ावा दे रही हैं। इसके साथ ही, निर्माताओं द्वारा बेहतर तकनीक, प्रतिस्पर्धी मूल्य और बेहतर बिक्री के बाद सेवा प्रदान करने से भी उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि के कई कारण हैं। सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं, जिसने उपभोक्ताओं को परिवहन के अधिक किफायती विकल्पों की तलाश करने के लिए मजबूर किया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन चलाने की लागत पेट्रोल या डीजल वाहनों की तुलना में काफी कम होती है, जिससे यह उपभोक्ताओं के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गया है।

इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के बारे में बढ़ती जागरूकता भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। लोग अब ऐसे वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो कम प्रदूषण फैलाते हैं और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन इस मामले में एक उत्कृष्ट विकल्प हैं, क्योंकि ये शून्य उत्सर्जन करते हैं और वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

भारत सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी और अन्य प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं, जिससे इनकी लागत कम हो जाती है और अधिक लोग इन्हें खरीदने के लिए प्रेरित होते हैं।

वित्त वर्ष 2025 में मार्च का महीना इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री के लिए सबसे अच्छा रहा, जिसमें 130,274 यूनिट्स की बिक्री हुई। अक्टूबर 2024 भी एक मजबूत महीना था, जिसमें 140,221 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि साल के अंत तक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 1.5 मिलियन यूनिट्स को भी पार कर सकती है, जो भारत के व्यक्तिगत परिवहन परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है। चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता अभी भी एक चुनौती है, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में। सरकार और निजी कंपनियां इस दिशा में काम कर रही हैं, और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार होगा।

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Author: Nation TV

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