संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में भाग लेने वाले लाखों उम्मीदवारों का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले वर्षों के ट्रेंड्स को देखते हुए, यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा 2025 के परिणाम जून के मध्य तक घोषित किए जाने की प्रबल संभावना है। यह परीक्षा 25 मई, 2025 को देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
परीक्षा के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद से ही उम्मीदवार बेसब्री से अपने परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे। यूपीएससी की यह प्रतिष्ठित परीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और अन्य संबद्ध सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करने के लिए आयोजित की जाती है।
परिणाम कब और कहाँ करें चेक?
यूपीएससी आमतौर पर प्रारंभिक परीक्षा के 15 से 20 दिनों के भीतर परिणाम घोषित कर देता है। इस वर्ष भी इसी समय-सीमा का पालन किए जाने की उम्मीद है। इसलिए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा 2025 के परिणाम 14 जून, 2025 के आसपास घोषित किए जा सकते हैं। हालांकि, आयोग की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in को नियमित रूप से चेक करते रहें।
परिणाम घोषित होने के बाद, उम्मीदवार निम्नलिखित चरणों का पालन करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं:
यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर, “परीक्षा” सेक्शन या “नवीनतम अपडेट” सेक्शन खोजें। वहां, “सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2025 के परिणाम” लिंक पर क्लिक करें। आपको एक नए पेज पर रीडायरेक्ट किया जाएगा, जहाँ आपको अपनी पंजीकरण संख्या या रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी। आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद, “सबमिट” बटन पर क्लिक करें। आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
परिणामों के साथ, यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए कटऑफ अंक भी जारी करेगा। कटऑफ अंक विभिन्न श्रेणियों – सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूबीडी – के लिए अलग-अलग होते हैं। कटऑफ अंक कई कारकों पर निर्भर करते हैं, जैसे कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या, परीक्षा का कठिनाई स्तर और रिक्तियों की संख्या।


