पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जमकर तारीफ की और एक कार्यक्रम के दौरान ‘जय गुजरात’ का नारा लगाकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी। पुणे के कोंढवा में जयराज स्पोर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर के उद्घाटन समारोह में शिंदे ने शाह की प्रशंसा में पुल बांध दिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की।
शिंदे ने अपने भाषण में कहा कि आज गुजराती समाज के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि इस कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन हो रहा है। उन्होंने गुजराती समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि यहां किसी चीज की कमी नहीं है क्योंकि वे ‘लक्ष्मी के पुत्र’ हैं। शिंदे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिस काम का भूमिपूजन करते हैं, वह तेजी से पूरा होता है, चाहे वह समृद्धि हाईवे हो या कोस्टल रोड। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का भूमिपूजन और उद्घाटन दोनों प्रधानमंत्री ने ही किया।
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह उनके लिए अलग नहीं हैं, बल्कि मोदी की छाया अमित भाई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह के स्पर्श के बाद कोई भी काम सोने में बदल जाता है। शिंदे ने जयराज स्पोर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर के बारे में बताते हुए कहा कि इस इमारत का भूमिपूजन प्रधानमंत्री ने किया था, लेकिन इसका लोकार्पण अमित शाह के हाथों हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इस केंद्र का और विस्तार होगा।
शिंदे ने अमित शाह की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अमित भाई राष्ट्रहित को पहली प्राथमिकता देते हैं और चुनौतियों को अवसर मानते हैं। उनकी कार्यशैली में दृढ़ता और दृढ़ संकल्प है, और नए भारत के निर्माण में मोदी के साथ उनका योगदान महत्वपूर्ण है। शिंदे ने शाह को एक कुशल रणनीतिकार बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने रणनीतिक नेतृत्व से असंभव को भी संभव कर दिखाया है, चाहे वह कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक फैसला हो।
शिंदे ने 2022 में महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राज्य में मंदिर और बाजार बंद थे और सब कुछ एक ‘स्पीड ब्रेकर’ की तरह था। उन्होंने कहा कि उस समय आम आदमी की सरकार लाने की जरूरत थी और प्रधानमंत्री उनका मार्गदर्शन कर रहे थे। शिंदे ने भावुक होते हुए कहा कि अमित शाह चट्टान की तरह उनके पीछे खड़े रहे।
अपने भाषण के अंत में शिंदे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा किया और ‘जय हिंद, जय महाराष्ट्र’ के नारे लगाए। इसके बाद, उन्होंने क्षणभर रुककर ‘जय गुजरात’ का नारा भी लगाया, जिससे कार्यक्रम में उपस्थित कई लोगों की भौहें तन गईं।
शिंदे का ‘जय गुजरात’ का नारा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में हिंदी को थोपने के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। उपमुख्यमंत्री का यह नारा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने शिंदे के इस नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने सवाल उठाया कि शिंदे शिवसेना से बाहर निकलते समय बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलने की बात करते थे, तो ‘जय गुजरात’ कब से बालासाहेब का विचार हो गया।
शिंदे का यह कदम महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर सकता है। अमित शाह की खुलकर तारीफ करना और फिर ‘जय गुजरात’ का नारा लगाना, शिंदे के राजनीतिक रुख को दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटनाक्रम का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, शिंदे का यह भाषण और ‘जय गुजरात’ का नारा राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


