बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में रविवार को एक दुखद हादसा सामने आया, जहां गंगा नदी में स्नान करने आए चार किशोर डूब गए। फिरोजाबाद जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के महादेव नगर से एक परिवार गंगा स्नान के लिए बदायूं के कछला घाट पर पहुंचा था। स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से ये हादसा हुआ। मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से तीन किशोरों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक दस वर्षीय किशोर अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।
यह हृदयविदारक घटना उझानी कोतवाली क्षेत्र के फैसला गंगा घाट पर हुई। रविवार की दोपहर, फिरोजाबाद से जितेंद्र कुमार का परिवार अपने चार बेटों के साथ गंगा स्नान के लिए कछला घाट आया था। गर्मी से राहत पाने और पवित्र नदी में डुबकी लगाने की इच्छा से उत्साहित किशोर गंगा में उतरे। लेकिन, वे शायद नदी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा पाए।
स्नान करते समय अचानक चार किशोर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालु और दुकानदार तुरंत हरकत में आए। कुछ साहसी युवकों ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। स्थानीय गोताखोरों और दुकानदारों की मदद से तीन किशोरों को सकुशल पानी से बाहर निकाल लिया गया। इन किशोरों को प्राथमिक उपचार दिया गया और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
हालांकि, परिवार के सबसे छोटे सदस्य, दस वर्षीय समर, पुत्र जितेंद्र कुमार का कोई पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही उझानी कोतवाली पुलिस और पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और पीएसी के जवान गोताखोरों की मदद से लापता किशोर की तलाश में जुट गए हैं। रविवार शाम तक किशोर का कोई सुराग नहीं लग सका था और सोमवार सुबह भी तलाश जारी है।
इस घटना से जितेंद्र कुमार और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अपने छोटे बेटे को खोने के गम में परिवार का बुरा हाल है। घटना की खबर फैलते ही महादेव नगर, फिरोजाबाद में भी शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और रिश्तेदारों का बदायूं के कछला घाट पर जमावड़ा लगा हुआ है, सभी लापता समर की कुशलता की प्रार्थना कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन भी घटना को लेकर गंभीर है। बदायूं के जिलाधिकारी ने लापता किशोर की तलाश में हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। गोताखोरों की टीम लगातार गंगा में किशोर को ढूंढ रही है, और पुलिस भी आसपास के इलाकों में निगरानी कर रही है। हालांकि, गंगा में तेज बहाव और गहराई के कारण तलाश में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


