पटना: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लालू परिवार के बीच चल रहा अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गया है। RJD से निष्कासित चल रहे लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ का गठन कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
2024 में ही हो गई थी नींव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज प्रताप यादव ने अपनी इस पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान ही मूर्त रूप देना शुरू कर दिया था। उस वक्त उनके एक करीबी बालेंद्र दास ने ‘जनशक्ति जनता दल’ के बैनर तले चुनाव लड़ा था। इस पार्टी का चुनाव चिन्ह बांसुरी है, जो तेज प्रताप की व्यक्तिगत पहचान से भी जुड़ा है। तेज प्रताप खुद को भगवान कृष्ण का भक्त मानते हैं और अक्सर बांसुरी बजाते हुए नजर आते हैं।
RJD से निष्कासन और नए रास्ते
तेज प्रताप यादव और उनके परिवार के बीच विवाद पिछले कुछ समय से चल रहा है। पिछले साल मई में एक विवाद के बाद लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और घर से 6 साल के लिए दूर कर दिया था। इसके बाद से ही तेज प्रताप ने अपने राजनीतिक रास्ते अलग करने के संकेत देने शुरू कर दिए थे। उन्होंने अपनी ‘टीम तेज प्रताप यादव’ के बैनर तले अपनी गतिविधियां जारी रखी थीं और अपनी गाड़ी से RJD का झंडा हटाकर अपनी टीम का झंडा लगा लिया था।
महुआ से चुनाव लड़ने की तैयारी
तेज प्रताप यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वह महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। महुआ उनकी पुरानी कर्मभूमि रही है, जहाँ से वह 2015 में विधायक बने थे। फिलहाल वह हसनपुर से विधायक हैं। तेज प्रताप का यह फैसला सीधे तौर पर RJD और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप की यह नई पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के वोटों में सेंध लगा सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पिता और छोटे भाई के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले तेज प्रताप अपने इस नए राजनीतिक सफर में कितना सफल होते हैं।


