‘ये मोदी की जंग है..’ US का चौंकाने वाला बयान, टैरिफ वॉर के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ा भारत का कनेक्शन

नई दिल्ली: अमेरिका और भारत के बीच चल रहे टैरिफ वॉर के बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष आर्थिक सलाहकार पीटर नवारो ने एक बेहद विवादास्पद और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को सीधे तौर पर “मोदी की जंग” बताया है। नवारो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच आयात शुल्क को लेकर तनाव बढ़ रहा है।


क्या है नवारो का बयान?

पीटर नवारो ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध में तटस्थ रुख अपनाकर गलती की है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से चीन रूस की मदद कर रहा है, उसी तरह भारत भी रूस से तेल और अन्य सामान खरीदकर उसकी मदद कर रहा है। यह अब सिर्फ पुतिन की जंग नहीं रही, बल्कि यह चीन और मोदी की जंग बन गई है।”

नवारो का यह बयान सीधे तौर पर भारत की विदेश नीति पर एक बड़ा हमला है। भारत ने हमेशा से इस युद्ध में शांति और कूटनीति का रास्ता अपनाने की बात कही है और किसी भी गुट में शामिल होने से इनकार किया है। नवारो का यह बयान अमेरिका में भारत के प्रति बढ़ते असंतोष को भी दर्शाता है।


क्या यह पाकिस्तान से अमेरिकी दोस्ती का असर है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवारो का यह बयान अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी का नतीजा हो सकता है। अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान के साथ कई रणनीतिक समझौते किए हैं, और उसे सैन्य मदद भी दे रहा है।

  • पाकिस्तान का बढ़ता महत्व: अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद, अमेरिका एक बार फिर पाकिस्तान को दक्षिण एशिया में अपने रणनीतिक भागीदार के रूप में देख रहा है। पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति उसे चीन और रूस दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है।
  • भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव: पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के रिश्तों में कुछ मुद्दों पर तनाव देखा गया है। अमेरिका भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है, जबकि भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखा है।
  • चीन को चुनौती: अमेरिका चीन के बढ़ते प्रभाव से चिंतित है और वह पाकिस्तान के जरिए चीन को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में, वह भारत को भी अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहा है, और जब भारत ऐसा नहीं कर रहा है, तो अमेरिका के कुछ नेताओं में निराशा बढ़ रही है।

नवारो का बयान इसी निराशा और अमेरिका की नई विदेश नीति की झलक हो सकता है, जहाँ वह भारत को रूस से दूर करने के लिए दबाव बनाना चाहता है और पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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Author: Nation TV

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