पटना/नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान मंगलवार (11 नवंबर, 2025) को समाप्त होने के बाद, विभिन्न एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए हैं। इन एग्जिट पोल्स में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भारी बढ़त मिलते हुए, स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार करने का अनुमान लगाया गया है। यह रुझान सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जबकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के लिए निराशाजनक संकेत हैं।
ज्यादातर प्रमुख एग्जिट पोल एजेंसियों ने NDA को 125 से 140 सीटों के बीच सीटें दी हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 122 है। महागठबंधन को 85 से 105 सीटों के बीच दिखाया जा रहा है।
एग्जिट पोल के अनुसार, NDA की सफलता का मुख्य कारण महिला मतदाताओं का भारी समर्थन, कानून-व्यवस्था में सुधार और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को माना जा रहा है। वहीं, महागठबंधन के लिए जातीय गोलबंदी उस स्तर पर नहीं हो पाई, जिसकी उम्मीद RJD कर रहा था।
NDA में उत्साह, नेतृत्व पर स्पष्ट मुहर
एग्जिट पोल के नतीजों से उत्साहित NDA खेमे ने जीत का दावा करना शुरू कर दिया है। BJP और JDU के नेताओं ने इन आंकड़ों को सुशासन और विकास के एजेंडे पर जनता के विश्वास का प्रतीक बताया है।
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “ये रुझान बताते हैं कि बिहार ने परिवारवाद और जंगलराज को फिर से नकार दिया है। जनता ने स्थिरता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है। हम मतगणना का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये पोल ‘एग्जैक्ट पोल’ साबित होंगे।”
यह स्पष्ट बढ़त नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भी मुहर लगाती है, जिसने गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एग्जिट पोल के अनुमानों ने महागठबंधन को बैकफुट पर धकेल दिया है। RJD प्रवक्ता और वरिष्ठ नेताओं ने इन पोल्स को खारिज कर दिया है।
RJD के एक प्रवक्ता ने कहा कि “हम इन एग्जिट पोल्स को पूरी तरह से नकारते हैं। ये नतीजे सिर्फ एक मनगढ़ंत नैरेटिव सेट करने की कोशिश हैं। हमारे पास ग्राउंड रिपोर्ट्स हैं कि जनता ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चुना है। हम अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हैं कि 14 नवंबर को मतगणना तक वे हर हाल में ईवीएम की निगरानी करें।”
महागठबंधन अब 14 नवंबर को होने वाली मतगणना के दिन तक अपने उम्मीदवारों को एकजुट रखने और किसी भी राजनीतिक जोड़-तोड़ को रोकने की रणनीति पर काम कर रहा है।
अब सभी की निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं। यदि एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं, तो NDA एक बार फिर बिहार में सरकार बनाएगा। यदि महागठबंधन कोई बड़ा उलटफेर करने में कामयाब होता है, तो राज्य में सत्ता परिवर्तन देखने को मिल सकता है। फिलहाल, एग्जिट पोल ने बिहार की राजनीतिक तस्वीर को साफ कर दिया है।


