नई दिल्ली: विशेष संवादददाता– संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन सोमवार (08 दिसंबर 2025) को लोकसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष चर्चा हुई, जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छेड़ दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना का जिक्र कर राष्ट्रीय गीत के ‘विभाजन’ का आरोप लगाया। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार पर देश का ध्यान भटकाने और आगामी पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए इस मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी का नेहरू-जिन्ना पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ को केवल राजनीतिक आज़ादी का मंत्र नहीं, बल्कि भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने का एक पवित्र युद्धघोष बताया। उन्होंने कांग्रेस और पंडित नेहरू पर 1937 के एक फैसले को लेकर निशाना साधा।
- नेहरू पर आरोप: पीएम मोदी ने दावा किया कि जब मोहम्मद अली जिन्ना ने ‘वंदे मातरम्’ का विरोध किया, तो तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने जिन्ना के विचारों की आलोचना करने के बजाय, उनकी भावनाओं से सहमति जताई। पीएम के अनुसार, नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखकर कहा था कि ‘आनंदमठ’ की पृष्ठभूमि मुसलमानों को क्षुब्ध (Irritate) कर सकती है।
- समझौते का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में आकर ‘वंदे मातरम्’ के उपयोग को सीमित कर दिया और इसके टुकड़े कर दिए। पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ पर समझौता किया और इसीलिए उसे एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा।”
- ‘INC से MMC’ का कटाक्ष: प्रधानमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियां आज भी नहीं बदली हैं और ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) चलते-चलते MMC (मुस्लिम लीग-माओइस्ट कांग्रेस) हो गई है।’
प्रियंका गांधी का पलटवार: ‘देश का ध्यान भटकाया जा रहा’
प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों के जवाब में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सदन में चर्चा में हिस्सा लिया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
- ध्यान भटकाने का आरोप: प्रियंका गांधी ने कहा कि इस बहस की ज़रूरत क्या है? उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि सरकार यह चर्चा दो कारणों से करवा रही है— पहला, पश्चिम बंगाल में आसन्न चुनाव और दूसरा, अपनी विफलताओं से देश का ध्यान भटकाना।
- ‘तथ्यों के मामले में कमज़ोर’: उन्होंने पीएम मोदी के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि वह अच्छा बोलते हैं, लेकिन “तथ्यों के मामले में कमज़ोर हैं।”
- वंदे मातरम् पर आस्था: प्रियंका गांधी ने ज़ोर दिया कि ‘वंदे मातरम्’ देश की आत्मा में जीवित है और इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले महानायकों पर दोष थोपना सरकार का पुराना मकसद रहा है।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया, लेकिन इसे साहित्य के दायरे में नहीं बांधा जा सकता।


