पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, एक बार फिर मंदिर-मस्जिद का मुद्दा राजनीतिक ध्रुवीकरण का केंद्र बन गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक विधायक द्वारा “बाबरी मस्जिद” मॉडल की मस्जिद बनाने की घोषणा के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता ने भी जवाब में राज्य में “अयोध्या-शैली का राम मंदिर” बनाने का एलान कर दिया है।
1. राम मंदिर निर्माण की घोषणा और चंदा अभियान
कोलकाता के साल्टलेक और बिधाननगर इलाकों में BJP नेता द्वारा लगाए गए पोस्टरों के बाद यह मामला सुर्खियों में आया है।
| तथ्य | विवरण |
| घोषणा करने वाले नेता | BJP नेता संजय पोयरा (Salt Lake, Kolkata से सटे बिधाननगर क्षेत्र से जुड़े)। |
| प्रस्तावित स्थान | बिधाननगर (साल्टलेक से सटा क्षेत्र) में। |
| मंदिर की शैली | उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहे मंदिर के समान ‘अयोध्या-शैली’ का भव्य राम मंदिर परिसर। |
| परिसर की योजना | यह सिर्फ मंदिर नहीं होगा, बल्कि ‘राम राज्य’ की अवधारणा पर आधारित एक सामाजिक-आध्यात्मिक केंद्र होगा। इसमें गरीबों के लिए अस्पताल, स्कूल, महिला शिक्षा केंद्र, वृद्धाश्रम और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं भी शामिल होंगी। |
| चंदा अभियान | मंदिर निर्माण के लिए जनता से केवल ₹1 (एक रुपया) का प्रतीकात्मक दान मांगा गया है। पोयरा ने कहा कि वह खुशी-खुशी यह दान स्वीकार करेंगे। |
| भूमि पूजन की तिथि | घोषणा के अनुसार, भूमि पूजन और आधारशिला रखने का समारोह 26 मार्च (रामनवमी) के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। |
संजय पोयरा ने इस पहल को ‘राम राज्य’ में निहित एक सामाजिक-आध्यात्मिक आंदोलन बताया, जिसमें भक्ति और जनसेवा को एक साथ रखा गया है।
2. विवाद की पृष्ठभूमि: TMC विधायक की ‘बाबरी मस्जिद’ की पहल
BJP नेता की राम मंदिर बनाने की घोषणा सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक निलंबित विधायक की विवादित पहल का जवाब है।
- TMC विधायक की पहल: TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में “बाबरी मस्जिद” मॉडल की एक नई मस्जिद बनाने का एलान किया था।
- शिलान्यास की तारीख: कबीर ने इस मस्जिद की नींव रखने की तारीख 6 दिसंबर तय की थी (यही वह तारीख है जब 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था)।
- अन्य BJP की जवाबी कार्रवाई:
- हुमायूं कबीर के एलान के बाद, BJP के मुर्शिदाबाद जिला पदाधिकारी शाखारव सरकार ने उसी जिले के बहरामपुर में राम मंदिर बनाने का एलान किया और 6 दिसंबर को भूमि पूजन भी किया।
- केंद्रीय मंत्री सुकान्त मजूमदार ने भी मुर्शिदाबाद में राम मंदिर बनाने की घोषणा का समर्थन किया था।
3. राजनीतिक विश्लेषकों का मत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले दोनों प्रमुख दल (TMC और BJP) जानबूझकर धार्मिक प्रतीकों और भावनाओं का उपयोग कर रहे हैं।
- TMC विधायक की पहल को मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
- BJP की तरफ से अयोध्या-शैली के राम मंदिर और ₹1 चंदे की घोषणा को हिंदू वोटों को साधने और ‘बाबरी मस्जिद’ पहल के राजनीतिक प्रभाव को बेअसर करने की एक समन्वित रणनीति माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, ये समानांतर घोषणाएं राज्य की राजनीति में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ाने का काम कर रही हैं।


