लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने बुधवार को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए महत्वाकांक्षी पौधरोपण महाअभियान-2025 के तहत एक ही दिन में 37 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए, जो कि अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस अभूतपूर्व सफलता पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों, विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक बधाई और आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष एक दिन में 37 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसे ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ महा अभियान के तहत हासिल किया गया। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक पौधा लगाकर इस महाअभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, उन्होंने आजमगढ़ में भी पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
इस विशाल पौधरोपण अभियान में प्रदेश के सभी 18 मंडलों और 75 जिलों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। योगी सरकार के विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों ने मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अनुमानित तौर पर 26 विभागों और 25 करोड़ से अधिक लोगों की सहभागिता ने इस अभियान को एक ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
बुधवार शाम छह बजे तक पूरे प्रदेश में 37.21 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके थे, जो सरकार के लक्ष्य से भी अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश की जनता पर्यावरण संरक्षण के प्रति कितनी जागरूक और प्रतिबद्ध है। इस महाअभियान में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया गया, जो प्रदेश की जलवायु और पर्यावरण के लिए अनुकूल हैं।
अगर विभिन्न विभागों द्वारा किए गए पौधरोपण की बात करें तो पंचायती राज विभाग ने 1,16,21,635 पौधे लगाकर पांचवां स्थान हासिल किया। वहीं, वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग ने मिलकर सर्वाधिक 14 करोड़ से अधिक पौधे लगाए। इस महाअभियान में सबसे ज्यादा शीशम के पौधे (4,45,48,989) रोपे गए, जो प्रदेश में इमारती लकड़ी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके बाद सागौन के 4,32,57,354 पौधे दूसरे स्थान पर रहे, जबकि जामुन के 1,84,50,924 पौधे तीसरे स्थान पर लगाए गए। इसके अतिरिक्त, नीम, पीपल, बरगद और अन्य औषधीय पौधों का भी रोपण किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय दायित्व ही नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महान अभियान है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वनों की कटाई खुलेआम होती थी और वन माफियाओं का बोलबाला था। हमारी सरकार ने इन पर नकेल कसी है और प्रदेश के वन क्षेत्र को तेजी से बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्य निरंतर जारी रहेगा और सरकार प्रदेश के वन क्षेत्र को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस रिकॉर्डतोड़ पौधरोपण अभियान की सफलता यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर कितनी गंभीर है। यह प्रयास न केवल प्रदेश के हरित क्षेत्र को बढ़ाएगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायक होगा। लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में प्रदेश के पर्यावरण को शुद्ध और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरकार अब इन पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक से अधिक पौधे जीवित रहें और विकसित हों। इसके लिए वन विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर काम करेंगे और समय-समय पर इनकी निगरानी की जाएगी।


