यूपी में ऑनलाइन होगी चकबंदी की प्रक्रिया, वर्षों का काम अब एक दिन में निपटेगा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में किसानों को भूमि संबंधी विवादों और चकबंदी की लंबी प्रक्रिया से निजात दिलाने के लिए योगी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब प्रदेश में चकबंदी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे वर्षों से लंबित पड़े काम कुछ ही समय में निपटाए जा सकेंगे। इस पहल से किसानों को अपनी बिखरी हुई जोतों को एक जगह लाने में आसानी होगी और भूमि विवादों में भी कमी आएगी।

क्या है नई प्रक्रिया?

नई चकबंदी प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। अब खेतों की पैमाइश के लिए पारंपरिक जरीब का इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि ड्रोन के माध्यम से पूरे क्षेत्र का सटीक सर्वेक्षण किया जाएगा। यह तकनीक न केवल समय बचाएगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना को भी कम करेगी।

किसानों को क्या लाभ होगा?

  • समय की बचत: चकबंदी की प्रक्रिया जो पहले कई सालों तक चलती थी, अब ऑनलाइन होने से बहुत कम समय में पूरी हो जाएगी।
  • पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से इसमें पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।
  • भूमि विवादों में कमी: बिखरे हुए खेतों को एक जगह करने से किसानों के बीच होने वाले भूमि विवाद कम होंगे।
  • आसान निगरानी: किसानों के लिए अपनी भूमि की निगरानी और रखवाली करना आसान हो जाएगा।
  • उत्पादकता में वृद्धि: चकबंदी के बाद किसानों को अपनी जोतों पर खेती करने में आसानी होगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो सकती है।

वर्तमान स्थिति और आगे की योजना:

उत्तर प्रदेश चकबंदी अधिनियम 1953 के तहत चकबंदी की प्रक्रिया पहले से ही लागू है। अब इसमें धारा 4A, 19, 21 और 23 जैसी धाराओं के तहत चरणबद्ध और पारदर्शी तरीके से काम किया जा रहा है। चकबंदी निदेशालय ने अप्रैल 2025 से 1,700 गांवों में इस अभियान को लागू करने की योजना बनाई है, जिसमें उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ 50% से अधिक किसानों ने चकबंदी के लिए सहमति दी है।

Nation TV
Author: Nation TV

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
Infoverse Academy