दिल्ली मेट्रो की बड़ी उपलब्धि: मैजेंटा लाइन अब ड्राइवरलेस

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपनी मैजेंटा लाइन (जनकपुरी पश्चिम से बॉटनिकल गार्डन) को पूरी तरह से ड्राइवरलेस बना दिया है। यह भारत में शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी और परिचालन सफलता है, जिससे देश दुनिया के चुनिंदा मेट्रो नेटवर्कों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

DMRC ने ‘अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन’ (UTO) प्रणाली को लागू कर दिया है, जिसका अर्थ है कि अब इस लाइन पर ट्रेनें बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के, पूरी तरह से स्वचालित रूप से चलेंगी। DMRC अधिकारियों के मुताबिक, इस परिवर्तन को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया, जिसकी शुरुआत 2020 में हुई थी। हाल ही में, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त से मंजूरी मिलने के बाद सभी ट्रेनों से ऑपरेटरों को हटा दिया गया।

यात्रियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे:

  • बढ़ी हुई सुरक्षा: स्वचालित प्रणाली मानवीय त्रुटियों की संभावना को लगभग खत्म कर देती है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित हो जाती है।
  • बेहतर परिचालन: ड्राइवरलेस संचालन से ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी और समय की पाबंदी में सुधार होता है, जिससे यात्रियों का इंतजार कम होता है।
  • अतिरिक्त जगह: ड्राइवर केबिन हटा दिए जाने से यात्रियों के लिए कोच के अंदर ज्यादा जगह बन गई है, खासकर आगे और पीछे के डिब्बों में।

मैजेंटा लाइन की इस उपलब्धि के बाद, DMRC अब पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) को भी पूरी तरह से ड्राइवरलेस बनाने की प्रक्रिया में है, जो अगले कुछ महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। इस तरह, दिल्ली मेट्रो जल्द ही दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवरलेस नेटवर्कों में से एक बन जाएगी।

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Author: Nation TV

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