रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु और खुशहाली की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं। इस साल, यह त्योहार 11 अगस्त, 2025 (सोमवार) को मनाया जाएगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस साल रक्षाबंधन के दिन, राखी बांधने का सबसे अच्छा समय सुबह 05:45 से शाम 06:03 बजे तक है। इस दौरान भद्रा काल का साया नहीं रहेगा, जो कि हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, भद्रा काल में राखी नहीं बांधनी चाहिए, क्योंकि यह माना जाता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्य असफल हो सकते हैं।
अगर आप किसी कारण से इस समय में राखी नहीं बांध पाते हैं, तो अभिजीत मुहूर्त में राखी बांधना भी शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12:00 से 12:51 बजे तक रहेगा। इस समय भी राखी बांधकर पर्व को मनाया जा सकता है।
राखी बांधने की सही विधि
राखी बांधने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है:
- पूजा की थाली तैयार करें: राखी बांधने से पहले एक थाली में राखी, रोली, चावल (अक्षत), हल्दी, एक दीपक, मिठाई और नारियल रखें।
- सही दिशा में बैठें: भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। बहन को भी इसी दिशा में मुख करके बैठना चाहिए।
- तिलक लगाएं: सबसे पहले बहन भाई के माथे पर तिलक (रोली और चावल) लगाएं।
- राखी बांधें: इसके बाद बहन अपने भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें।
- आरती करें: राखी बांधने के बाद बहन दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें।
- मिठाई खिलाएं: अंत में बहन अपने भाई को मिठाई खिलाएं और उनकी खुशहाली की कामना करें।
- आशीर्वाद और उपहार: इसके बाद भाई अपनी बहन को आशीर्वाद दें और उन्हें उपहार भेंट करें।
इन नियमों का पालन करके राखी बांधने से न सिर्फ पर्व की गरिमा बढ़ती है, बल्कि यह भी माना जाता है कि भाई-बहन का रिश्ता और भी मजबूत होता है।


