नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने की आतंकी साजिश की परतें तेजी से खुल रही हैं। लाल किले के पास हुए भीषण कार बम विस्फोट की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य संदिग्ध शाहीन की गिरफ्तारी के बाद अब उसके भाई परवेज को भी हिरासत में ले लिया गया है। इस नेटवर्क की जाँच में सबसे अहम खुलासा शाहीन की बहन को लेकर हुआ है, जिसके तार सीधे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े पाए गए हैं।
परवेज की गिरफ्तारी और लॉजिस्टिक्स की भूमिका
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए शाहीन के भाई परवेज को धर दबोचा। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों को संदेह है कि परवेज न सिर्फ इस आतंकी साजिश से वाकिफ था, बल्कि वह धमाके के लिए जरूरी साजो-सामान (लॉजिस्टिक्स) जुटाने में भी अपने भाई की मदद कर रहा था।
परवेज के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सघन जांच की जा रही है, जिसमें साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण एन्क्रिप्टेड चैट और संदेश मिलने की उम्मीद है। उसकी गिरफ्तारी को आतंकी मॉड्यूल की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जैश-ए-मोहम्मद और बहन का सीधा कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि इस आतंकी मॉड्यूल को सीमा पार से निर्देश मिल रहे थे और इसमें शाहीन की बहन एक महत्वपूर्ण कड़ी थी। एजेंसियों को पता चला है कि शाहीन की बहन लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर के संपर्क में थी।
यह खुलासा इस ओर इशारा करता है कि जैश-ए-मोहम्मद ने भारतीय युवाओं और महिलाओं को शामिल कर एक स्थानीय नेटवर्क बनाने की कोशिश की थी, जिसका उद्देश्य दिल्ली जैसे संवेदनशील इलाकों में बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना था।
शाहीन, परवेज और उनकी बहन के तार खुलने के बाद, एजेंसियों ने अब इस नेटवर्क का दायरा उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों तक बढ़ा दिया है। NIA की कई टीमें इन राज्यों में छापेमारी कर रही हैं ताकि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क का फंडिंग सोर्स क्या था और क्या वे देश में और हमलों की योजना बना रहे थे।


