पटना, 14 नवंबर 2025- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। चुनाव आयोग की वेबसाइट से प्राप्त नवीनतम रुझानों और परिणामों के अनुसार, 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने 200 से अधिक सीटों पर निर्णायक बढ़त बना ली है या जीत हासिल कर ली है, जो बहुमत के आंकड़े (122) से बहुत अधिक है।
यह जीत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे तथा एनडीए के विकास के ट्रैक रिकॉर्ड पर जनता के गहरे विश्वास को दर्शाती है।
मुख्य आकर्षण
NDA की शानदार जीत: एनडीए ने एग्जिट पोल्स के कई अनुमानों को पछाड़ते हुए बंपर जीत हासिल की है।बीजेपी बनी सबसे बड़ी पार्टी: रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पहली बार राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बीजेपी 85 से 100 सीटों के बीच बढ़त/जीत के साथ सबसे आगे है।
जेडीयू का मजबूत प्रदर्शन:
जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) ने भी अपनी साख बचाते हुए 75 से 85 सीटों पर बढ़त हासिल की है।चिराग पासवान बने ‘गेम चेंजर’: लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) – (LJP RV) ने करीब 20-25 सीटों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एनडीए की कुल सीटों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।महागठबंधन का निराशाजनक प्रदर्शन: विपक्षी महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल) का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। महागठबंधन को 50 सीटों के आसपास ही संतोष करना पड़ा।राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का जादू नहीं चला।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का जादू नहीं चला। रिकॉर्ड तोड़ मतदान: इस बार बिहार में रिकॉर्ड 67% से अधिक मतदान हुआ था, जिसने पिछली सभी रिकॉर्डों को तोड़ दिया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस ऐतिहासिक जीत पर बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह परिणाम सुशासन और विकास के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को भी धन्यवाद दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की जीत पर खुशी जाहिर की और इसे ‘सुशासन की जीत’ और ‘विकास की जीत’ बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा सहित एनडीए परिवार के सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई दी।
चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे सहयोगी दलों के नेताओं ने भी जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिहार की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के एनडीए के विजन की जीत है।
विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए की इस प्रचंड जीत के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं:
लाभार्थी वर्ग का समर्थन: केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (मुफ्त राशन, पक्के मकान, मुफ्त इलाज आदि) के लाभार्थियों ने एकजुट होकर एनडीए के पक्ष में मतदान किया।
महिलाओं का विश्वास: शराबबंदी, छात्रवृत्ति और नौकरियों में आरक्षण जैसी योजनाओं के कारण महिलाओं ने नीतीश सरकार में अपना विश्वास बनाए रखा।
स्थिर नेतृत्व:
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्थिर और अनुभवी नेतृत्व पर जनता ने भरोसा जताया, जबकि विपक्ष के मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर असमंजस दिखा।यह जनादेश स्पष्ट करता है कि बिहार की जनता ने विकास और सुशासन के एजेंडे को प्राथमिकता दी है, और एनडीए को राज्य के चौतरफा विकास के लिए एक और मौका दिया है।


