नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) की परिचालन संबंधी परेशानियों के कारण सोमवार (08 दिसंबर 2025) को कंपनी के शेयर बाज़ार में बड़ी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। लगातार सातवें दिन उड़ानें रद्द होने और व्यापक व्यवधानों के चलते इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के शेयरों में 10% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, इसके उलट प्रतिद्वंद्वी एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) के शेयरों में 14% तक की तेज़ उछाल देखने को मिली।
इंडिगो के शेयरों में क्यों आई भारी गिरावट?
इंडिगो के शेयर गिरने का मुख्य कारण एयरलाइन का जारी परिचालन संकट है। यह संकट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा लागू किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों के कारण पैदा हुआ है।
- 7वें दिन भी संकट: सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु से 250 से अधिक इंडिगो की उड़ानें रद्द हुईं। पिछले छह दिनों में देश भर में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द होने की खबरें हैं, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं।
- पायलटों की कमी: नए FDTL नियमों के तहत पायलटों के लिए अनिवार्य आराम का समय बढ़ा दिया गया है। इंडिगो के पास पहले से ही क्रू स्टाफ की कमी थी, जिसके कारण नए नियमों को लागू करने में उसे भारी दिक्कतें आईं और बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।
- बाज़ार मूल्य में भारी कमी: संकट के चलते, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर पिछले छह दिनों में 16% से अधिक टूट चुके हैं, जिससे कंपनी के बाज़ार मूल्य (Market Value) में ₹37,000 करोड़ से अधिक की कमी आई है।
- DGCA का नोटिस: नियामक DGCA ने इस व्यवधान पर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-Cause Notice) जारी किया है और 24 घंटे में जवाब मांगा है।
ब्रोकरेज फर्मों ने भी इंडिगो के लिए अपने ‘टारगेट प्राइस’ (Target Price) को घटा दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि अतिरिक्त क्रू की भर्ती और रुपये के मुकाबले डॉलर की बढ़ती कीमत के कारण एयरलाइन की लागत (Cost) बढ़ेगी।
स्पाइसजेट ने क्यों भरी उड़ान?
जहां इंडिगो संकट से जूझ रही है, वहीं स्पाइसजेट के शेयरों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
- दो दिनों में बड़ा उछाल: स्पाइसजेट के शेयरों में यह लगातार दूसरे दिन की तेज़ी है। सोमवार को यह स्टॉक 14% तक उछलकर ₹35.50 (BSE) के स्तर पर पहुँच गया। पिछले दो सत्रों में स्पाइसजेट के शेयर 17% तक बढ़ चुके हैं।
- बढ़ी मांग: इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्री स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइनों की तरफ रुख कर रहे हैं, जिससे स्पाइसजेट की बुकिंग और मांग तेज़ी से बढ़ी है।
- अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा: स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए अगले कुछ दिनों में 100 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इंडिगो के इस अस्थायी संकट ने स्पाइसजेट के लिए बाज़ार हिस्सेदारी (Market Share) बढ़ाने और परिचालन में सुधार दिखाने का एक अप्रत्याशित अवसर पैदा किया है।


