लखनऊ, 12 दिसंबर 2025 — प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने उत्तर प्रदेश के कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। आज सुबह ED टीमों ने 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें लखनऊ सहित कुल छह शहरों/स्थानों पर रेड दर्ज की गई।
छह शहर जहाँ ED ने छापेमारी की
ED ने आज इन प्रमुख शहरों/ठिकानों पर एक साथ रेड की:
- लखनऊ — सिपाही आलोक सिंह की कोठी पर भी छापा, कई अन्य ठिकानों से दस्तावेज जब्त
- वाराणसी — सप्लाई नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर तलाशी
- जौनपुर — रैकेट से जुड़े कारोबारियों के स्थानों पर छापेमारी
- सहारनपुर — गोदामों और संदिग्ध सप्लाई पॉइंट्स पर ED की टीम
- रांची — कफ सिरप की डिस्ट्रीब्यूशन चेन से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई
- अहमदाबाद — सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन से जुड़े स्थानों पर छापा
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और तस्करी का नेटवर्क तेजी से फैलता पाया गया था। जांच में सामने आया कि सिरप को बड़े पैमाने पर गोदामों में स्टॉक कर काले बाजार में महंगे दामों पर बेचा जाता था। कई जिलों में पुलिस और एफएसडीए की कार्रवाई के बाद मामला ED तक पहुंचा।
ED ने इस मामले में PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) के तहत केस दर्ज किया है क्योंकि आशंका है कि अवैध कमाई को शेल कंपनियों और फर्जी खातों के जरिए घुमाया जा रहा था।
सिपाही आलोक सिंह क्यों आया निशाने पर?
लखनऊ का सिपाही आलोक सिंह इस रैकेट के कुछ आरोपियों के संपर्क में पाया गया था। सूत्रों के अनुसार—
- आलोक सिंह पर कुछ संदिग्ध लेन-देन के आरोप हैं
- रैकेट से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का शक
- सूत्रों के मुताबिक़, ED ने उसके लखनऊ स्थित घर/कोठी से कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए
हालाँकि अभी तक यह साफ नहीं है कि वह इस नेटवर्क का हिस्सा था या सिर्फ संपर्क में।
छापेमारी में क्या मिला? (प्रारंभिक जानकारी)
ED की शुरुआती कार्रवाई में:
- कई मोबाइल, लैपटॉप और हार्डडिस्क जब्त
- सप्लाई चेन से जुड़े बिल और इनवॉयस
- कुछ संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन्स के दस्तावेज
- गोदामों से बचे हुए कफ सिरप की खेप
सूत्रों का कहना है कि बरामद दस्तावेज रैकेट की फंडिंग और नेटवर्क को समझने में अहम साबित होंगे।


