- रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा गिरफ्तार।
- बेंगलुरु की एक निजी कंपनी को लाभ पहुँचाने के बदले मांगी थी रिश्वत।
- दिल्ली और श्रीगंगानगर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की नगदी बरामद।
नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुँचाने के बदले रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है।
रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी
सीबीआई के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा को बेंगलुरु स्थित एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर बिछाए गए जाल के बाद की गई। जांच एजेंसी ने रिश्वत की रकम पहुँचाने वाले बिचौलिए विनोद कुमार को भी हिरासत में ले लिया है।
CBI ARRESTS LT. COL. DEPARTMENT OF DEFENCE PRODUCTIONS, MINISTRY OF DEFENCE IN A BRIBERY CASE pic.twitter.com/hZIqDnM2y3
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) December 20, 2025
नोटों की गिनती देख रह गए अधिकारी दंग
गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई की टीम ने लेफ्टिनेंट कर्नल के दिल्ली स्थित आवास की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में नगदी बरामद हुई। अधिकारियों ने अलमारियों से 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा, अधिकारी की पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में उनके ठिकानों से भी 10 लाख रुपये की अतिरिक्त नगदी जब्त की गई है।
भ्रष्टाचार का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन?
सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस भ्रष्टाचार के तार दुबई तक फैले हो सकते हैं। एक दुबई स्थित फर्म के प्रतिनिधि पर भी इस साजिश में शामिल होने का संदेह है। जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के जरिए पहले भी रक्षा सौदों या निर्यात संबंधी क्लीयरेंस में हेरफेर की गई है।
न्यायिक हिरासत में आरोपी
विशेष सीबीआई अदालत ने आरोप की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 23 दिसंबर तक सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया है। सेना के सूत्रों का कहना है कि विभाग इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


