पूर्व मंत्री आनंद सिंह का लखनऊ में निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और गोंडा के पूर्व सांसद कुंवर आनंद सिंह का रविवार देर रात लखनऊ में निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। आनंद सिंह, जो मनकापुर रियासत के राजा भी थे।

केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता आनंद सिंह ने लखनऊ स्थित अपने आवास मनकापुर हाउस, कैसरबाग में अंतिम सांस ली। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव गोंडा और उनके समर्थकों में शोक की लहर फैल गई।

आनंद सिंह का जन्म 4 जनवरी 1939 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के कल्विन तालुकदार कॉलेज से पूरी की और फिर इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के कृषि संस्थान से कृषि में बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपनी जमींदारी की कृषि व्यवस्था का संचालन किया। उनका विवाह बीना सिंह से हुआ था, जो पूर्व राज्यसभा सांसद और बाराबंकी की विधायक बिंदूमाती देवी की बेटी थीं। आनंद सिंह के परिवार में तीन बेटियां – निहारिका सिंह, राधिका सिंह और शिवानी राय – और एक बेटा कीर्तिवर्धन सिंह हैं।

आनंद सिंह ने अपने पिता राजा राघवेंद्र प्रताप सिंह की मृत्यु के बाद राजनीति में प्रवेश किया। उनके पिता स्वतंत्र पार्टी से विधायक थे। आनंद सिंह पहली बार 1964 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 1967 और 1969 में भी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की सलाह पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और 1971 में गोंडा से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद उन्होंने 1980, 1984 और 1989 में भी गोंडा का प्रतिनिधित्व लोकसभा में किया।

अपने लंबे राजनीतिक करियर में आनंद सिंह ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें उनकी स्पष्टवादिता और जनसेवा के लिए जाना जाता था। आनंद सिंह चार बार कांग्रेस के सांसद रहे, लेकिन बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का भी दामन थामा। 2012 में उन्होंने गोंडा की गौरा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की थी।

उनके निधन पर उत्तर प्रदेश के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आनंद सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने आनंद सिंह को एक अनुभवी और जनप्रिय नेता बताते हुए कहा कि उनके निधन से प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है।

आनंद सिंह को उनके समर्थक और क्षेत्र के लोग ‘अन्नू भैया’ के नाम से भी जानते थे। उन्हें पूर्वांचल की राजनीति में एक कद्दावर नेता के तौर पर सम्मान दिया जाता था। उनके निधन से गोंडा और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। उनका पार्थिव शरीर आज दोपहर तक उनके पैतृक निवास मनकापुर कोट पहुंचेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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Author: Nation TV

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